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घटना को अंजाम देने वाले मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को लिया संरक्षण में
देहरादून। ऋषिकेश में दुर्गा मन्दिर में मूर्ति खण्डित करने के मामले का खुलासा करते हुए दून पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक केा संरक्षण में लिया।
प्रबन्धक भवदीय शिव दुर्गा मन्दिर देहरादून रोड ऋषिकेश ने कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर दी गई कि 70 वर्ष पुराने प्राचीन शिव दुर्गा मन्दिर में एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर में रखी मूर्ति को पत्थर से खण्डित कर मौके से भाग गया। प्राप्त तहरीर के आधार पर तत्काल कोतवाली ऋषिकेश में सम्बन्धित धाराओं में मुकदमा किया गया।
घटना के धार्मिक अस्थाओं से जुड़ा होने के कारण लोगों में प्रतिक्रिया परिलक्षित होने तथा कानून व्यवस्था की स्थिती प्रभावित होने की सम्भावना के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने  घटना के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश को आवश्यक दिशा-निर्देश हुए तत्काल 4 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया।
गठित टीमों ने घटना के अनावरण के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा ऋषिकेश क्षेत्रार्न्गत अलग- अलग स्थानों पर चैकिंग अभियान चलाते हुए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। दौराने चैकिंग पुलिस टीम को सीसीटीवी फुटेज से प्राप्त संदिग्ध के हुलिये से मेल खाता 01 व्यक्ति मिला, जिसे पुलिस द्वारा संरक्षण में लेकर उससे आवश्यक पूछताछ की गई तो इस व्यक्ति का मानसिक रूप से विक्षिप्त होना ज्ञात हुआ। पुलिस ने किये गये काफी प्रयासों के बाद उक्त व्यक्ति की पहचान नयन कुमार पुत्र जगदीश भाई निवासी भावनगर गुजरात के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने स्थानीय गुजरात पुलिस से सम्पर्क कर इस व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी की गई तो यह व्यक्ति का विगत 7 वर्षों से अपने घर से लापता होना तथा इस सम्बन्ध में भावनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज होना ज्ञात हुआ, पुलिस टीम ने इस व्यक्ति के परिजनो से सम्पर्क कर उन्हें ऋषिकेश बुलाया गया। व्यक्ति के परिजन कोतवाली ऋषिकेश पर आये, जिन्होंने मानसिक रूप स विक्षिप्त होने तथा गुमशुदगी से पूर्व उसका मानसिक उपचार चलने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। पुलिस ने वादी प्रबन्ध भवदीय दुर्गा मन्दिर को ऋषिकेश कोतवाली बुलाकार व्यक्ति के परिजनों से मिलवाते हुए उसके मानसिक रूप से विक्षिप्त होने की जानकारी दी गई,  जिस पर वादी ने मानवीय संवेदना के आधार पर उसकेे विरूद्ध कोई कानूनी कार्रवाई ने करने को कहा। पुलिस ने मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति नयन कुमार को उसके पिता जगदीश भाई के सुपुर्द किया गया। 07 वर्षों के पश्चात अपने पुत्र को सकुशल पाकर उसके पिता व अन्य परिजन भावुक हो गये।

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