Tue. Feb 27th, 2024

300 से अधिक लोग घायल, 70 वाहन जलकर राख
अवैध मस्जिद और मदरसे के अतिक्रमण हटाने को लेकर हुआ बवाल
पुलिस के ऊपर पथराव और पेट्रोल बम फेंके गए

हल्द्वानी। गुरुवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी भूमि पर बने अवैध मस्जिद और मदरसे के अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। बवाल इतना बड़ा की पुलिस-प्रशासन और लोगों के बीच झड़प हो गई, जहां पुलिस के ऊपर पथराव और पेट्रोल बम फेंके गए। हालात बेकाबू होते देख गोली चलाने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद पुलिस की फायरिंग में पिता-पुत्र सहित तीन उपद्रवियों की मौत हो गई, जबकि कई लोग उपद्रव में घायल हुए हैं। पत्थरबाजी और आगजनी की घटना में पुलिस-प्रशासन और मीडियाकर्मी सहित 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। जिनका अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बवाल बढ़ता देख प्रशासन ने देर शाम गोली चलाने के आदेश दिए। जिला प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने को भी आग के हवाले कर दिया। इस दौरान 70 से अधिक वाहनों को जला दिया हैं। जबकि कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। बनभूलपुरा थाने में आग से कई साल पुराने रिकॉर्ड भी जलकर राख हो गए हैं।अब तक मिली जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी में हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं, पुलिसकर्मी और निगम कर्मी समेत 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। देर रात पैरामिलिट्री फोर्स की कई कंपनियां भी हालत पर काबू पाने के लिए पहुंच चुकी हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस पत्थरबाजों को पकड़ने के लिए उन घरों का रुख किया,उपद्रवियों को पकड़ने और छतों की तलाशी लेने के लिए नगर निगम कर्मचारियों की मदद से घरों के दरवाजों को तोड़ा गया और पुलिसकर्मी घरों में घुस पत्थरबाजों को पकड़कर पुलिस ले जाने लगी तो उपद्रवियों ने उन्हें भी छुड़ा लिया। वहीं इस बवाल में 70 से अधिक वाहन जलकर राख हो गए।
हल्द्वानी के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र बनभूलपुरा के मलिक के बगीचे में नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद और मदरसे का संचालन चल रहा था। जिला प्रशासन और हल्द्वानी नगर निगम मदरसा और मस्जिद संचालक को नोटिस जारी कर खाली करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनके द्वारा खाली नहीं किए जाने के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम हटाने के लिए गुरुवार को भारी पुलिस फोर्स और जेसीबी मशीन लेकर मैके पर पहुंची। जिसका लोगों ने विरोध करते हुए पुलिस, जिला प्रशासन और मीडियाकर्मियों पर पथराव कर दिया। घटना में कई पुलिसकर्मी जिला प्रशासन के लोग और मीडियाकर्मी घायल हो गए, इसके बाद बवाल भड़क गया।


मुख्यमंत्री ने एडीजी को बनभूलपुरा में कैम्प करने के निर्देश दिये

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी को वहां कैम्प करने के निर्देश दिये।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानून और व्यवस्था ए.पी अंशुमान को प्रभावित क्षेत्र में कैंप करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को सख्ती से लेते हुए अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त करवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी नैनीताल से निरंतर समन्वय बनाकर रखें। उन्होंने एडीजी कानून व्यवस्था और जिलाधिकारी नैनीताल को घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा आगजनी और पथराव करने वाले एककृएक दंगाई की पहचान कर उन पर करवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त से सख्त करवाई की जाय। इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिवध् एडीजी अमित सिन्हा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव जे. सी कांडपाल उपस्थित थे।


हल्द्वानी पुलिस के पास पहले ही था बड़ी घटना होने का इनपुट
आईजी नीलेश भरणे बोले स्थिति शांत होने के बाद होगी जांच

देहरादून। नैनीताल जिले के हल्द्वानी में गुरुवार शाम को सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसा और नमाज स्थल तोड़े जाने के बाद जिस तरह के हालत बने, उसका अंदाजा पुलिस को पहले से ही था। बताया तो यहां तक जा रहा है कि इंटेलिजेंस ने भी पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण इनपुट दिए थे, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस उसे समय रहते भांप नहीं पाये। जिसका परिणाम ये हुआ कि गुरुवार रात तक हल्द्वानी में हालात बेकाबू हो गए थे और पूरा शहर जल उठा। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता आईजी नीलेश भरणे ने खुद इसकी पुष्टि की है।
उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी नीलेश भरणे ने शांति व्यवस्था कायम होने के बाद इस पर अलग से जांच होने की भी बात कही है। हल्द्वानी का वनभूलपूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हल्द्वानी में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए आसपास के जिलों से भी पुलिस को बुलाया गया है। साथ ही च्।ब् को भी तनाव वाले क्षेत्र में तैनात किया गया हैं।
पुलिस की मानें तो अब तक इस घटना में 2 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इतना ही नहीं इस घटना में सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी खबर है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और देहरादून से भी तमाम बड़े अधिकारी हल्द्वानी पहुंचे हैं। इस बीच सबसे बड़ी खबर इस बात को लेकर सामने आई है कि हल्द्वानी के वनभूलपूरा में अवैध निर्माण को लेकर जो कार्रवाई की जा रही थी, उसमें किसी बड़ी घटना के होने की सूचना पुलिस के पास थी। खुद पुलिस विभाग के प्रवक्ता नीलेश भरणे ने इस बात की पुष्टि की है, क्योंकि इस क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। लिहाजा पुलिस को इस बात का अंदाजा था कि यहां किसी बड़ी घटना को भी अंजाम दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि पुलिस को इस तरह के इनपुट एक हफ्ते पहले ही मिल गए थे। इसीलिए पुलिस ने यहां पर पहले फ्लैग मार्च और कुछ बैठकें भी की थी। खास बात यह है कि इतनी जानकारी के बावजूद भी पुलिस क्षेत्र के माहौल को नहीं समझ पाई और उपद्रवियों ने एक बड़ी घटना को अंजाम दे दिया।
इस घटना के बाद चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है और न केवल घटना वाली जगह बल्कि आसपास के इलाकों में भी पुलिस नजर बनाए हुए है। मामले पर खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी नजर बनाए हुए हैं और उपद्रव करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी कर दिए गए। इससे पहले क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया था और किसी को भी घर से न निकलने की हिदायत दी गई थी।


बनभूलपुरा में कांग्रेस ने बताया हालात बेहद खराब
रिटायर्ड जज से की जांच करने की मांग

देहरादून। हल्द्वानी बनभूलपुरा बवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वह लगातार क्षेत्र में लोगों के संपर्क में हैं। यहां पर हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। धार्मिक निर्माण पर कार्रवाई से पहले पुलिस को अतिरिक्त एहतियात बरतनी चाहिए थी। वह भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस हालत में शांति व्यवस्था बनाए रखें और कानून को अपने हाथ में ना लें। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सरकार को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन इसकी आड़ में निर्दोषों पर किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। करन माहरा ने कहा कि फिलहाल सरकार को शांति व्यवस्था बनाने के लिए सभी संभव प्रयास करने चाहिए और ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात करते हुए बेहतर समन्वय भी बनाना चाहिए। इसके अलावा मामले की शांत होने के बाद किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में इस पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग की। गौर हो कि बीते दिन हल्द्वानी बनभूलपुरा में अवैध मस्जिद और मदरसे को तोड़ा गया, जिस कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी समेत कई घायल हो गए। शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। साथ ही पुलिस की जवाबी फायरिंग में चार उपद्रवियों की मौत हो गई। शहर में जिला प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है। वहीं लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की है।वहीं, प्रशासन और निगम के अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद और मदरसे के संचालकों को नोटिस भेजा था। उसके बाद भी संचालक मस्जिद और मदरसे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जिसके बाद अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।अतिक्रमण की कार्रवाई का कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध किया, विरोध बढ़ा तो उपद्रव का रूप ले लिया।

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