Sun. Jun 16th, 2024

बजट सत्र में बिल पास कराएगी धामी सरकार
विधानसभा चुनाव जीतते ही धामी ने यूसीसी लागू करने की घोषणा की थी
5फरवरी से उत्तराखण्ड में शुरू हो रहा बजट सत्र
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में समान नागरिकता संहिता लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीद जताई जा रही थी कि इस विधानसभा सत्र में बजट के साथ-साथ यूसीसी को भी पेश किया जा सकता है। अब मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वह आगामी बजट सत्र के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड के मसौदे को विधानसभा पेश कानून को प्रदेश में लागू कर देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए बनाई गए विशेष कमेटी 2 फरवरी को अपने मसौदा सरकार को सौंप देंगी। इसके बाद आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक पेश कर इसको कानून बना दिया जाएगा। सीएम ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर दी है।  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विजन और चुनाव से पूर्व उत्तराखंड की देवतुल्य जनता के समक्ष रखे गए संकल्प एवं उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप हमारी सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करने के लिए पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यूसीसी एक्सपर्ट कमेटी दो फरवरी को यूनिफॉर्म सिविल कोड का फाइनल ड्राफ्ट राज्य सरकार को सौंप देगी। इसके बाद 5 फरवरी से होने जा रहे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार यूसीसी का ड्रॉफ्ट सदन के पटल पर रखेगी। सदन से पास होने के बाद यूसीसी एक कानून के रूप में उत्तराखंड राज्य में लागू हो जाएगा। लंबे समय से यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर चल रही चर्चाओं पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। क्योंकि खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ट्वीट कर इस बाबत जानकारी दी है कि 2 फरवरी को विशेषज्ञ समिति यूसीसी का ड्राफ्ट सरकार को सौंप देगी। लोग लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। कांग्रेस पार्टी तो समय समय पर सरकार की इस मामले पर चुटकी तक ले रही थी।
सोमवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन और विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की जनता के सम्मुख रखे गए संकल्प के तहत उत्तराखंड सरकार समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गठित पांच सदस्य विशेषज्ञ समिति यूसीसी का फाइनल ड्राफ्ट 2 फरवरी को सरकार को सौंप देगी। लिहाजा, आगामी विधानसभा सत्र के दौरान इससे संबंधित विधेयक लाकर यूनिफॉर्म सिविल कोड को प्रदेश में लागू किया जाएगा।

ड्राफ्ट मिलते ही लाएंगे विधेयकः सीएम धामी
देहरादून। उन्होंने आगे लिखा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करने के लिए बनी कमेटी 2 फरवरी को अपना ड्राफ्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी। इसके बाद हम आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाकर समान नागरिक संहिता को प्रदेश में लागू करेंगे।

2 फरवरी को यूसीसी कमेटी सौंपेगी ड्राफ्ट
देहरादून। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी के ‘एक भारत,श्रेष्ठ भारत’ के विजन और चुनाव से पूर्व उत्तराखंड की देवतुल्य जनता के समक्ष रखे गए संकल्प और उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप हमारी सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सदैव प्रतिबंध रही है। इसके साथ उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करने के लिए बनी कमेटी 2 फरवरी को अपना ड्राफ्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी और हम आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाकर समान नागरिक संहिता को प्रदेश में लागू करेंगे।

अयोध्या का दौरा किया रद्द
देहरादून। बीते दिनों जानकारी आई थी कि जस्टिस रंजना प्रकाश की अध्यक्षता में बनी यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी 2 फरवरी को अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को जमा कर सकती है। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह ने अपनी अयोध्या यात्रा को रद्द कर दिया था।

ड्राफ्ट में है इन कानूनों का ज्रिक
देहरादून। बताया जा रहा है कि इस ड्राफ्ट में एक ऐसे कानून को बनाने की बात है जो विवाह, तलाक, माता-पिता का भरण-पोषण, संपत्ति, बच्चा गोद लेने, जाति, जेंडर और संपत्ति में महिलाओं का अधिकार से संबंधित मामलों में सभी धर्मों पर एक समान कानून लागू होगा। साथ ही ड्राफ्ट में यह भी ज्रिक है कि लिव-इन रिलेशनशिप को भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *