Tue. Apr 23rd, 2024

22 किमी लम्बा बनेगा रुद्रपुर बाईपास

देहरादून। लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का कभी भी ऐलान हो सकता है। उससे पहले केंद्र और राज्य सरकार तमाम प्रोजेक्टों का शिलान्यास और उद्घाटन करने में लगी हुई है। इसी क्रम में आज सोमवार 11 मार्च को उत्तराखंड को केंद्र सरकार तरफ से बड़ी सौगात मिली है, जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्जुअली शिलान्यास किया।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की तरफ से उत्तराखंड को करीब एक हजार करोड़ रुपए की सौगात दी गई है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के उधमसिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में 1052 करोड़ की लगाता से 22 किमी लंबे बाइपास का निर्माण कार्य कराया जाएगा, जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्जुअली दिल्ली से किया।
इसके अलावा इस कार्यक्रम में देहरादून से मंत्री गणेश जोशी भी वर्जुअली जुड़े। इस मौके पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस परियोजना से रुद्रपुर शहर में यातायात का दबाव कम होगा। वहीं, उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि बीते 10 सालों में देश के अंदर राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछ गया है, इसके लिए पीएम मोदी बधाई के पात्र है। आज पीएम मोदी ने देशभर में करीब एक लाख करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया हैं, जिसमें मुख्य रूप से द्वारिका-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे है। इसी के साथ एक तोहफा पीएम मोदी ने उत्तराखंड को भी दिया है, जिसमें 21 किमी लंबा रुद्रपुर बाइपास का निर्माण है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इससे पहले पीएम मोदी उत्तराखंड को कई सौगात दे चुके है, जिसमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण है, जिसका कार्य काफी तेजी से चल रहा है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद दिल्ली से देहरादून का समय घटकर मात्र ढाई घंटे हो जाएगा।
रुद्रपुर बाइपास उत्तराखंड के जिस रुद्रपुर बाइपास का पीएम मोदी ने शिलान्यास किया है, वो दो राज्यों उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। बाईपास में 2 आरओबी, 6 छोटे पुल, एक फ्लाइओवर और 02 रेलवे उपरिगामी सेतु (आरओबी) का निर्माण प्रस्तावित है। रुद्रपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल हब में से एक है। यह उत्तराखंड सरकार की सबसे बड़ी एकीकृत औद्योगिक एस्टेट सिडकुल में है। रुद्रपुर में 1300 से अधिक कंपनियां है। परियोजना का निर्माण कार्य 12 जनवरी, 2024 से प्रारम्भ हो चुका है, जिसके पूर्ण किये जाने हेतु 02 वर्ष की समय अवधि निर्धारित है।



धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड बन रहा अग्रणी राज्यः द्विवेदी
देहरादून। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवम गढ़वाल लोकसभा सह प्रभारी हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम पुष्कर धामी के प्रयासों से राज्य में विकास का पहिया तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड भाजपा पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के निर्देशन में लोकसभा चुनाव की तैयारियां की जा रही हैं। प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि विगत चार माह में सेवायोजन विभाग से लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं को रोजगार मिला है। नवंबर में 872, दिसंबर में 1376, जनवरी में 122 और फरवरी में 1068 युवाओं को रोजगार मिला है। बीते एक साल में यूकेपीएससी के माध्यम से 6635 अधिकारियों की तैनाती हुई है। बीते एक साल में समूह ग के पदों पर 7644 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। फॉरेस्ट गार्ड के 2000 से ज्यादा पदों पर भी नियुक्ति की गई। वही भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हेमंत द्विवेदी ने कहा कि पहले प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परंतु धामी सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है, यही नहीं राज्यहित में समान नागरिक सहित धर्मांतरण को रोकने, लैंण्ड जेहाद को रोकने जैसे सख्त कानून बनाने का धामी सरकार ने निर्णय लिया है। सरकारी संपत्ति को अगर कोई किसी भी तरह से नुकसान पहुंचता है, तो ऐसे लोगों को चिन्हित कर सरकार उन्हीं लोगों से पाई-पाई वसूल करेगी और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा आज उत्तराखण्ड विकास और विश्वास के वातावरण में जन आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रयास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर हम सभी के समूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वही प्रदेश में ष्गौरव योजनाष् उच्च शिक्षा विभाग में छात्रों और युवाओं के लिए शुरू की गई। यह योजना कौशल विकास हेतु नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा संचालित की जा रही है। ष्गौरव योजनाष् के लिए उच्च शिक्षा विभाग और एनएसई के बीच एमओयू किया गया। उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना और शोध अनुदान वितरण का भी शुभारंभ किया। इस योजना में लगभग तीन करोड़ छियासठ लाख रुपए की शोध अनुदान राशि स्वीकृत की गयी है। चयनित 44 शोध प्रस्तावों के लिये यह शोध अनुदान राशि स्वीकृत की गयी है।

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