Fri. Jun 21st, 2024

देहरादून। महानिरीक्षक व निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन ने बताया कि सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवरस्पीड है जिसके कारण राज्य में कई सड़क दुर्घटनाएं घटित होती है, इसके लिए गति सीमा निर्धारित करने के लिए प्रदेश में दस डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड लगाये गये है।
आज यहां इसकी जानकारी देते हुए मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक व निदेशक यातायात, ने कहा कि सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ओवरस्पीड है जिसके कारण राज्य में कई सड़क दुर्घटनाएं घटित होती है, उक्त कारण का विश्लेषण करने के उपरान्त राज्य में गतिसीमा के निर्धारण हेतु जनपदों को निर्देशित किया गया तथा इसके साथ ही उपकरणों से गतिसीमा की चेतावनी हेतु राज्य में पहली बार प्रारम्भिक चरण में हाईटेक गतिसीमा बोर्ड (डिजिटल स्पीड साईन बोड) र्क्रय किये गये है। इस वर्ष यातायात निदेशालय द्वारा कुल 10 डिजिटल स्पीड साईन बोर्ड क्रय किये गये है। जिनको निम्न प्रकार जनपदों में लगाया गया है। जिसमें देहरादून निलाय हिल्स अपार्टमेंट हरिद्वार बाईपास, राजपुर रोड नियर होटल सनराईज व ईसी रोड नियर सीएसडी डिपो आराघर। हरिद्वार में गुरूकुल कांगडी नियर सिंहद्वार, झबरेडा तिराहा मंगलौर, व भगवानपुर फ्रलाईओवर। ऊधमसिंह नगर में गदरपुर बाजार, पुलिस आउट पोस्ट बरा थाना पुलभटटा व लालपुर मार्केट थाना किच्छा तथा नैनीताल में दाबका से कालाढूंगी नियर कारा रिसोर्ट थाना कालाढूंगी में लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि डिजिटल स्पीड साईन बोड रडार स्पीड साइन बोर्ड गतिसीमा का एक हाईटेक उपकरण होता है जो सड़क पर लगाया जाता है ताकि वाहन चालकों को उनकी गाड़ी की गति की सूचना मिल सके। यह साइन बोर्ड रडार तकनीक का उपयोग करता है जो आगे आ रहे वाहनों की गति को मापने के लिए होती है। जब कोई वाहन इस साइन बोर्ड के पास से गुजरता है, तो उसकी गति साइन बोर्ड पर प्रदर्शित हो जाती है। जैसे अगर गति सीमा 20 निर्धारित की गई है तो यह 20 तक ।उइमत लाईट ब्लिंक करेगा और अगर 20 से ऊपर किसी वाहन चालक की गति होगी तो यह लाल लाईट ब्लिंक करेगा। यह एक सुरक्षा उपाय के रूप में भी काम करता है क्योंकि यह वाहन चालकों को अपनी गाड़ी की गति को निर्धारित गति में रहने के लिए प्रेरित करता है और सुरक्षित गति चेतावनी प्रदर्शित करता है। मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षकध्निदेशक यातायात द्वारा बताया गया कि क्पहपजंस ैचममक ैपहद ठवंतक पर अपने वाहन की गति सीमा देऽने के पश्चात वाहन चालकों पर एक मनौवेज्ञानिक दबाव आयेगा जिससे अगर उनके वाहन की रफ्रतार अधिक होगी तो वह अपने वाहन की रफ्रतार को स्वयं से कम कर लेंगे। इसके साथ ही यदि किसी वाहन में बच्चे उत्तफ बोर्ड को देखेंगे तो वह अपने माता-पिता या संरक्षक को बतायेंगे कि आपके वाहन की अधिक है या कम जिससे वह बच्चे भविष्य के लिए गति-सीमा के पालन हेतु प्रेरित होगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *