Mon. Mar 4th, 2024

गंगा घाटों पर उमड़ी देश विदेश के श्रद्धालुओं की भीड़
सुबह 4 बजे से ही गंगा स्नान का सिलसिला हुआ शुरू
स्नान कर पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना

हरिद्वार। मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में हर की पैड़ी पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। सुबह 4 बजे से ही गंगा स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालु गंगा स्नान कर पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। वहीं मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने और दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसलिए देश भर के कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर जाम ना लगे और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए डायवर्सन प्लान भी लागू किया गया है।
धर्मनगर हरिद्वार में दूसरे दिन भी मकर संक्रांति का स्नान जारी है। बीते दिन की अपेक्षा आज श्रद्धालुओं की ज्यादा तादाद विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी पर देखने को मिली। बता दें कि आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसी के साथ आज से ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण भी होंगे। इस मौके को काफी खास माना जाता है। काफी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए हरिद्वार पहुंचे हैं। माना जाता है कि आज के दिन गंगा स्नान कर तिल व खिचड़ी आदि का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पंडित मनोज त्रिपाठी का कहना है कि आज से सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, मकर को शनि की राशि मानी जाती है और शनि सूर्य देव के पुत्र हैं। ऐसे में पिता सूर्य के पुत्र शनि के घर यानि उनकी राशि में प्रवेश करने को संक्रमण काल माना जाता है। इसलिए इस ग्रह योग को मकर संक्रांति कहा जाता है।
मान्यता है कि इस मौके पर गंगा स्नान कर दान आदि करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सारे पाप मिट जाते हैं। इस ग्रह योग को सर्वाेत्तम माना जाता है, यदि व्यक्ति के सभी ग्रह योग खराब चल रहे हो तो ऐसे में गंगा स्नान कर तिल,खिचड़ी, गुड़ आदि का दान करना चाहिए। आज के दिन स्नान करने से सात पीढ़ियों को तारने का फल मिलता है। मकर संक्रांति के मौके पर दूर दूर से लोग गंगा स्नान करने आये हैं, जिससे शहर में भीड़-भाड़ बढ़ गई है। भारी ठंड के बाद भी श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं और मेला क्षेत्र को 7 जोन और 17 सेक्टर में बांटा गया है। वहीं शहर में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।



मकर संक्रांति पर देव डोलियों को कराया गंगा स्नान
उत्तरकाशी। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए देव डोलियों के साथ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी पड़ी और हजारों श्रद्धालुओं ने भागीरथी नदी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया।दर्जनों देव डोलियों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़ों की आवाज और मां गंगा के जयकारों से पूरी काशी नगरी गुंजायमान हो उठी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल मुस्तैद रही। वहीं श्रद्धालुओं के लिए ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था भी की गई है।
उत्तरकाशी के पौराणिक मणिकर्णिका घाट, जडभरत, केदार घाट, लक्षेश्वर, शंकर मठ, नाकुरी, देवीधार, गंगोरी अस्सी गंगा तट सहित आदि स्नान घाटों पर तड़के चार बजे ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। स्नान पर्व पर बाडाहाट क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता, बाडागड्डी क्षेत्र के आराध्य हरिमहाराज, खंडद्धारी माता, कैलापीर, नाग देवता, घंडियाल देवता, बाल कंडार, नागणी देवी, रनाड़ी के कचडू देवता, डुंडा की रिंगाली देवी, सहित धनारी क्षेत्र नागराजा, त्रिपुरा माता, चंदणनाग, राजराजेश्वारी आदि दर्जनों देवी-देवताओं की डोलियां, ढोल, निशान आदि के साथ हजारों श्रद्धालु उत्तरकाशी पहुंचे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
इसके बाद सभी देवता एवं श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ, चमाला की चौंरी, हनुमान मंदिर, कंडार देवता के मंदिरों के दर्शन किए और अपने गंतव्य को रवाना हुए। वहीं मकर संक्रांति के इस पर्व पर जिला प्रशासन व जिला पंचायत की ओर से घाटों पर प्रकाश एवं सफाई व्यवस्था की गई थी। पर्व को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा। ठंड से बचने के लिए घाटों और चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गई। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

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